इजरायली हवाई हमले में तीन लेबनानी पत्रकारों की मौत

इजरायली हवाई हमले में तीन लेबनानी पत्रकारों की मौत

इजरायल ने कहा, “एक को बनाया था निशाना”

शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना ने एक हवाई हमले में तीन लेबनानी पत्रकारों को मार गिराया। इजरायली सेना ने कहा कि इस हमले में उसने उनमें से सिर्फ एक को निशाना बनाया था।
लेबनानी टेलीविज़न न्यूज़ चैनल ‘अल मनार’ ने बताया कि उसके रिपोर्टर अली शैब और लेबनानी पैन-अरब ब्रॉडकास्टर ‘अल मयादीन’ की रिपोर्टर फातिमा फतूनी की मौत तब हुई, जब उनकी गाड़ी पर हमला हुआ।
लेबनान के सूचना मंत्री पॉल मोरकिस ने बाद में बताया कि फतूनी के भाई मोहम्मद, जो एक कैमरामैन थे, उनकी भी इस हमले में मौत हो गई।इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि उसने शैब को एक ‘आतंकवादी’ बताते हुए एक ‘लक्षित हमले’ (targeted strike) में मार गिराया। सेना ने शैब पर हिजबुल्लाह की खुफिया इकाई का हिस्सा होने का आरोप लगाया और कहा कि वह लेबनान में मौजूद इजरायली सैनिकों के ठिकानों के बारे में रिपोर्टिंग करता था।इस बयान में शैब पर इजरायली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ ‘उकसाने’ का आरोप भी लगाया गया था, लेकिन इसमें अन्य पत्रकारों का कोई ज़िक्र नहीं था।

साथ ही, इस बात का कोई सबूत भी नहीं दिया गया कि शैब सचमुच हिजबुल्लाह की खुफिया इकाई का सदस्य था। हिजबुल्लाह, जो ‘अल मनार’ चैनल को नियंत्रित करता है, ने इस बात से इनकार किया कि शैब उसकी किसी खुफिया इकाई का हिस्सा था। हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा, “दुश्मन के ये झूठे दावे उसकी कमज़ोरी और नाज़ुक हालत को ही दिखाते हैं। यह इस अपराध की ज़िम्मेदारी से बचने की एक हताश कोशिश है।”

‘पत्रकारों के लिए बढ़ते खतरे’

‘अल मनार’ ने शैब को ‘प्रतिरोध की रिपोर्टिंग का एक प्रतीक’ बताया। ‘अल मयादीन’ चैनल, जिसे आमतौर पर संपादकीय रूप से हिजबुल्लाह और इस क्षेत्र में ईरान के सहयोगियों व समर्थकों के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है, ने कहा कि फातिमा फतूनी अपनी साहसी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती थीं।
इन हत्याओं पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ (Reporters Without Borders) ने कहा कि वह पिछले कई हफ़्तों से मीडिया पेशेवरों के सामने बढ़ते खतरों के बारे में लगातार आगाह कर रहा था।
इन हत्याओं से पहले हुसैन हमूद नाम के एक लेबनानी फ्रीलांस पत्रकार की भी मौत हो गई थी। हुसैन ‘अल मनार’ के लिए काम करते थे। ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (CPJ) ने ‘X’ (ट्विटर) पर बताया कि बुधवार को हुए एक इजरायली हवाई हमले में हुसैन की मौत हो गई थी। CPJ ने गुरुवार को बताया कि 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से, लेबनान, ईरान और गाज़ा में कम से कम तीन अन्य रिपोर्टर इज़रायली या अमेरिका-इज़रायल के संयुक्त हवाई हमलों में मारे गए हैं। अमेरिकी सेना ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया, और न ही इज़रायली सेना ने।

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