ट्रंप का दावा: ईरान युद्ध खत्म करने के लिए ‘मिन्नतें’ कर रहा है, तेहरान ने रखीं नई मांगें
तेहरान ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के युद्ध को खत्म करने के लिए वॉशिंगटन की 15-सूत्रीय योजना पर औपचारिक रूप से जवाब दिया है। इसमें उसने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने “प्राकृतिक और कानूनी अधिकार” पर ज़ोर दिया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान “समझौता करने के लिए मिन्नतें कर रहा है”। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी तस्नीम समाचार एजेंसी ने एक “जानकार सूत्र” के हवाले से बताया कि ईरान ने बुधवार रात को, लगभग एक महीने से चल रहे इस युद्ध को खत्म करने के अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना आधिकारिक जवाब भेज दिया था और अब वह उस पर प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहा है। गुरुवार को प्रकाशित तस्नीम की रिपोर्ट ट्रंप के दावे के विपरीत प्रतीत होती है। इसमें ऐसी शर्तें रखी गई हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि तेहरान का रुख लगातार और कड़ा होता जा रहा है।
इन शर्तों में “हत्या की आक्रामक कार्रवाइयों” को खत्म करना शामिल है, जिन्होंने ईरान के नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचाया है—दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई से लेकर सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी तक। इसके अलावा, “मुआवज़ा और युद्ध की क्षतिपूर्ति”, यह सुनिश्चित करने के उपाय कि “युद्ध दोबारा न हो”, और “इस पूरे क्षेत्र में इस लड़ाई में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिरोधक समूहों” की ओर से शत्रुता को समाप्त करना भी इन शर्तों में शामिल है। सरकारी अंग्रेजी-भाषा के प्रसारक ‘प्रेस टीवी’ ने एक अनाम अधिकारी के हवाले से एक पांच-सूत्रीय प्रस्ताव का ज़िक्र किया, जिसमें इन्हीं शर्तों को शामिल किया गया था। ईरान की ओर से अप्रत्यक्ष रूप से बातचीत में शामिल होने के संकेत तब मिले, जब अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने गुरुवार को दावा किया कि तेहरान युद्ध से बाहर निकलने का कोई “रास्ता” (off-ramp) तलाश रहा है।

व्हाइट हाउस में कैबिनेट की बैठक के दौरान बोलते हुए विटकॉफ ने कहा कि ऐसे “संकेत” मिले हैं कि ईरान को यह एहसास हो गया है कि बातचीत के अलावा उसके पास कोई और विकल्प नहीं है।विटकॉफ ने पत्रकारों से कहा, “हम देखेंगे कि हालात किस दिशा में जाते हैं, और क्या हम ईरान को यह समझाने में कामयाब होते हैं कि यह एक ऐसा निर्णायक मोड़ है, जहाँ उनके पास और अधिक मौत और तबाही के अलावा कोई भी अच्छा विकल्प शेष नहीं है।” उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका को “इस क्षेत्र और अन्य जगहों से कई ऐसे लोगों के संपर्क मिले हैं, जो इस संघर्ष को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।” साथ ही, उन्होंने “बातचीत में अड़चन डालने” के लिए ईरान को दोषी ठहराया।
लेकिन तस्नीम की रिपोर्ट में जिस सूत्र का हवाला दिया गया है, उसने अमेरिकी प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की। सूत्र ने दावा किया कि अमेरिका “दुनिया को धोखा देने” की कोशिश कर रहा है। इसके लिए वह “ऊपरी तौर पर एक शांतिपूर्ण छवि पेश कर रहा है, जिसमें युद्ध को समाप्त करने की बात कही गई है,” ताकि तेल की कीमतें कम बनी रहें और वह “ज़मीनी हमले” की तैयारी कर सके। सूत्र ने बताया कि शांति वार्ता के दौरान वाशिंगटन द्वारा देश पर की गई बमबारी ने, ‘किसी भी समय बातचीत करने की उसकी इच्छा’ को लेकर भरोसे को कमज़ोर कर दिया है।
