“वियाह करतारे दा” को लेकर इंडस्ट्री कॉन्ट्रैक्ट का झगड़ा बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा
पंजाबी फिल्म वियाह करतारे दा भी बड़े प्रोडक्शन हाउस के बीच कॉन्ट्रैक्ट की कानूनी लड़ाई का सेंटर बन गई है। फिल्ममेकर करण जौहर के डायरेक्शन में बनी धर्मा प्रोडक्शंस ने दुबई के बैनर हम्बल मोशन पिक्चर्स FZCO के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में केस किया है। इसमें आरोप है कि फिल्म के प्रमोशन और रिलीज से जुड़े उनके सर्विस एग्रीमेंट को गलत तरीके से खत्म कर दिया गया है। कोर्ट फाइलिंग के मुताबिक, धर्मा प्रोडक्शंस का दावा है कि हम्बल मोशन ने प्रमोशन की जिम्मेदारियों के लिए पहले ही सहमत होने के बावजूद अचानक कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया। धर्मा का कहना है कि इन कामों से फिल्म के थिएटर में चलने के दौरान फाइनेंशियल और रेप्युटेशन को नुकसान हुआ है। प्रोडक्शन हाउस पूरी आर्बिट्रेशन प्रोसेस खत्म होने तक टेम्पररी कानूनी प्रोटेक्शन और फाइनेंशियल मदद मांग रहा है।
लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि बॉलीवुड या टॉलीवुड जैसी बड़ी फिल्म इंडस्ट्री की तुलना में पॉलीवुड में ऐसे झगड़े काफी कम होते हैं, लेकिन यह केस रीजनल सिनेमा में क्रॉस-बॉर्डर प्रोडक्शन कोलेबोरेशन को मैनेज करने के तरीके के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि कानूनी साफ़-सफ़ाई पंजाबी प्रोड्यूसर्स और उन इंटरनेशनल कंपनियों के बीच भविष्य की पार्टनरशिप पर असर डाल सकती है जो पंजाबी फ़िल्मों को दुनिया भर में को-प्रोड्यूस या डिस्ट्रीब्यूट करना चाहती हैं।
यह विवाद बढ़ती पंजाबी फ़िल्म इंडस्ट्री में बढ़ती दिक्कतों को दिखाता है, जहाँ बढ़ते प्रोडक्शन बजट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन नई कानूनी और कमर्शियल मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट के नियम आने वाले सालों में पॉलीवुड में बिज़नेस के तरीकों और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े सुरक्षा उपायों पर कैसे असर डाल सकते हैं।

खास बातें
- धर्मा प्रोडक्शंस ने वियाह करतारे दा को लेकर कानूनी कार्रवाई की है।
- यह केस बॉम्बे हाई कोर्ट में फ़ाइल किया गया था।
- धर्मा ने दुबई के एक पार्टनर पर गलत तरीके से कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का आरोप लगाया है।
- यह केस इंटरनेशनल कोलेबोरेशन के तरीकों पर असर डाल सकता है।
- यह पॉलीवुड में कानूनी और कमर्शियल बदलाव का संकेत देता है।
