आम आदमी पार्टी ने जहरीली होती जा रही दिल्ली की हवा के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार बता रहे भाजपा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर पलटवार किया है। ‘‘आप’’ ने कहा कि दिल्ली में अपनी सरकार की नाकामी छिपाने के लिए भाजपा सरकार पंजाब के किसानों को बदनाम कर रही है और आगे वह किसी भी हद तक गिर सकती है। भाजपा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पंजाब के किसानों और पुलिस के बारे में झूठ गढ़ना बंद करें और इस बात का जवाब दें कि पंजाब में पराली नही जलने के बावजूद भाजपा की सरकार दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने में बुरी तरह विफल क्यों हो रही है?
उधर, “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सोचते हैं कि अगर उनका विभाग फर्जीवाड़ा करके एक्यूआई के झूठे आंकड़े दिखाएगा, तो ये दिल्ली वालों को बेवकूफ बना लेंगे। पिछले साल भी इन्होंने अपनी नाकामियों का ठीकरा पंजाब के किसानों के ऊपर फोड़ा था। फिर इन्हीं की केंद्र सरकार के डेटा ने इनका झूठ पकड़कर बताया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पराली जलाने के मामलों में लगभग 80 से 90 फीसद तक कमी आई है। सरकार बनने से पहले करीब 71 हजार मामले रिपोर्ट होते थे, पिछले साल 5 हजार मामले रिपोर्ट हुए और आज ये खुद कह रहे हैं कि 1 हजार मामले रिपोर्ट हुए हैं। इससे पता चलता है कि वहां पराली जलने में लगभग 90 से 95 फीसद तक की कमी आई है।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि मनजिंदर सिंह सिरसा 12वीं पास हैं और पर्यावरण मंत्री हैं, तो क्या पर्यावरण को समझते होंगे? इन्होंने यह कहकर सरकार का पैसा बर्बाद कर दिया कि ये आर्टिफिशियल रेन कराएंगे, लेकिन कोई आर्टिफिशियल रेन नहीं हुई। केंद्र सरकार ने इनके विभाग को लिखकर दिया था कि इस मौसम में दिल्ली में आर्टिफिशियल रेन नहीं हो सकती, फिर भी इन्होंने पैसा बर्बाद किया। इसकी जवाबदेही किसकी है?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब भाजपा की सरकार बनी थी, तब दिल्ली में 39 एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन थे। इन्होंने पिछले साल 7 और इस साल 13 मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए हैं। दिल्ली सरकार 20 नए मॉनिटरिंग स्टेशन हरे-भरे इलाकों में लगा रही है। ये इसलिए लगाए जा रहे हैं ताकि हरे-भरे इलाकों के कम एक्यूआई से दिल्ली के औसत एक्यूआई का आंकड़ा कम किया जा सके। इन्हें पलूशन कम नहीं करना है, सिर्फ आंकड़ा कम करना है। पिछले साल मैंने इनकी चोरी पकड़ी थी।
सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि पिछले साल आनंद विहार के एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन के चारों तरफ पानी के टैंकर परिक्रमा कर रहे थे और मॉनिटरिंग स्टेशन के ऊपर छिड़काव कर रहे थे। ऐसा ही ये लोग द्वारका में भी कर रहे थे। इन्हें प्रदूषण कम नहीं करना है, सिर्फ डेटा कम करना है। ऐसा तभी होता है जब कोई 12वीं पास आदमी को मंत्री बना दे, तो वह सिर्फ फर्जीवाड़ा करता है। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का बैकग्राउंड क्या रहा है और ये जीवन भर क्या करते रहे हैं, यह पूरा राजौरी गार्डन और पूरा पंजाबी बाग जानता है। इनके बारे में मुझे कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। इनका और प्रदूषण का कोई मेल ही नहीं है।
वहीं “आप” के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि दिल्ली में भाजपा के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की हालत उस बच्चे जैसी है, जिसने साल भर पढ़ाई नहीं की और फिर कह रहा है कि पड़ोस की बेंच पर बैठे बच्चे ने उसे एग्जाम नहीं देने दिया। मनजिंदर सिंह सिरसा बहाने बनाने छोड़ें। दिल्ली के प्रदूषण के लिए सिर्फ और सिर्फ भाजपा की सरकार जिम्मेदार है।
अनुराग ढांडा ने भाजपा से पूछा कि वे हर समय पंजाब को क्यों गाली देते रहते हैं और पंजाब को क्यों बदनाम करते रहते हैं? 2022 में जब आम आदमी पार्टी की सरकार आई थी, तब पंजाब के अंदर 80 हजार फार्म फायर के मामले होते थे। भगवंत मान ने किसानों को समझाकर और उनके साथ मिलकर पिछले साल इस संख्या को 5 हजार से भी कम कर दिया और इस साल तो किसानों की मदद से पंजाब में फार्म फायर के मामले लगभग न के बराबर हो रहे हैं।
अनुराग ढांडा ने पूछा कि भाजपाई उत्तर प्रदेश के बारे में कुछ क्यों नहीं बताते? उत्तर प्रदेश में 25 से 30 फीसद की दर से हर साल फार्म फायर के मामले बढ़ रहे हैं। मेरठ, अलीगढ़, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पूरे इलाके में पिछले कुछ सालों में फार्म फायर की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ी हैं। इसमें किसानों का कसूर नहीं है, वहां की भाजपा की योगी सरकार किसानों की कोई मदद नहीं करती और उन्हें कोई संसाधन उपलब्ध नहीं कराती।
अनुराग ढांडा ने भाजपा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से पूछा कि वे मध्य प्रदेश की बात क्यों नहीं करते? मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ दिए गए हैं और 150 फीसद की दर से हर साल फार्म फायर के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले साल पूरे देश में फार्म फायर की जितनी घटनाएं हुईं, उनमें से 52 फीसद अकेले मध्य प्रदेश के अंदर थीं, जहां कई बार से भाजपा की सरकार है। वहां इन घटनाओं को कम करने के लिए भाजपा ने क्या किया और सबसे बड़ी बात, दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्या किया?
अनुराग ढांडा ने भाजपा से पूछा कि क्या वे एक उदाहरण भी दे सकते हैं कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए भाजपा की सरकार ने कोई कदम उठाया है? जब कुछ करेंगे ही नहीं, तो प्रदूषण अपने आप कैसे कम हो जाएगा? यह पहले से ही पता होता है कि इन दिनों में आकर दिल्ली के अंदर प्रदूषण होता है, तो पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई? पिछली बार तो कह रहे थे कि क्लाउड सीडिंग से बारिश कराकर प्रदूषण कम कर देंगे, लेकिन उसमें भी पैसे खा गए और भ्रष्टाचार कर लिया।
अनुराग ढांडा ने कहा कि पंजाब को बदनाम करने से भाजपा की राजनीति का और दिल्ली के लोगों का भला नहीं होगा। दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए भाजपा को ठोस कदम उठाने पड़ेंगे। पंजाब का एक्यूआई और दिल्ली का एक्यूआई मिला लीजिए। पंजाब के अंदर तो साफ आसमान है, हवा साफ है और इस समय पराली का धुआं नहीं है। दिल्ली के अंदर धुआं कहां से आ रहा है, इसकी जवाबदेही मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, देश के गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की है।