पंजाब की पावन नगरी अमृतसर में भगवान वाल्मीकि मंदिर के निकट लव-कुश और माता जानकी के भव्य एवं दिव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। भगवंत सिंह मान की अनुवाई वाली पंजाब सरकार ने भव्य एवं दिव्य लव-कुश मंदिर निर्माण का सैद्वांतिक निर्णय लिया है। जल्द इसकी विस्तृत डिटेल दी जाएगी। शुक्रवार को अमृतसर में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ प्रेसवार्ता कर आम आदमीी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि लव-कुश का यहीं जन्म हुआ और इन्होंने भगवान राम के अश्वमेध घोडे को यही रोका था। यह मंदिर बनने न केवल पंजाब और देश, बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को बहुत हर्ष और उल्लास होगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सररकार ने यह निर्णय लिया है कि अमृतसर में लव-कुश और माता जानकी के नाम से उनके लिए एक बहुत ही भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मैं समझता हूं कि अमृतसर पूरी दुनिया में सबसे पवित्र भूमि है। यहां हर धर्म के लोग हैं और हर धर्म के संस्थान हैं। यहां दरबार साहिब है, जहां पूरी दुनिया से सभी धर्मों के लोग मत्था टेकने और मन्नत मांगने आते हैं। वहां जाने से उनके दुख दूर होते हैं और उन्हें बहुत शांति मिलती है। यहां दुर्ग्याणा मंदिर है। देशभक्तों के लिए जलियांवाला बाग है और वाघा बॉर्डर है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यहीं पर भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल है, जहां भगवान वाल्मीकि ने रामायण लिखी थी। माता सीता यहीं वाल्मीकि आश्रम में रही थीं, लव-कुश ने यहीं जन्म लिया था और उनकी पढ़ाई भी यहीं हुई थी। जब भगवान राम ने अपना अश्वमेध का घोड़ा छोड़ा था, जिसे पूरी दुनिया में कोई नहीं रोक पाया था, तब लव-कुश ने उस घोड़े को रोका था और यहीं पर एक पेड़ से बांध कर रखा था। यह सभी धर्मों के लिए बहुत ही पवित्र धरती है और खासकर हिंदू धर्म व वाल्मीकि समाज के सभी लोगों के लिए यह बेहद आस्था का स्थान है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि वहां अभी भगवान वाल्मीकि का तीर्थ स्थान है, उसी के बगल में लव-कुश और माता जानकी के लिए एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा। अभी सैद्धांतिक रूप से यह निर्णय लिया गया है। इसकी क्या डिटेल होंगी और यह कैसे होगा, इस पर काम चल रहा है और जैसे-जैसे काम आगे बढ़ेगा, लोगों को इसके बारे में बताते रहेंगे।